Author Details

book

Books of Jivan Kumar Yadav






जीवन कुमार यादव बिहार राज्य के छपरा जिले के माँझी थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरी ग्राम के निवासी हैं। इन्होंने
बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। पारिवारिक आर्थिक परिस्थितियाँ सीमित होने के कारण स्नातक के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखना संभव नहीं हो सका, किंतु इन्होंने अपने अनुभवों और अर्जित ज्ञान को लेखन के माध्यम से समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का निरंतर प्रयास किया है।




लेखन के प्रति इनकी रुचि बचपन से ही रही है। पाँचवीं कक्षा में अध्ययन के दौरान ही इन्होंने कविता और कहानियाँ लिखना प्रारंभ कर दिया था।
“भूखा हिंदुस्तान” जैसी प्रभावशाली कविता तथा अन्य रचनाओं के माध्यम से इन्होंने सामाजिक यथार्थ को अभिव्यक्त किया है।
इसी प्रेरणा से इन्होंने “भूखा हिंदुस्तान” पुस्तक की रचना की है।




लेखक की प्रकाशित पुस्तकों में

“इस फैसले को क्या कहूँ ?”, “मेरा गुनाह बताओ !”, “विश्वास के डोर”, “जीवन काव्य मंजरी” (100 कविताओं का संग्रह),
“भूखा हिंदुस्तान !”, “एक टुकड़ा और हिंदुस्तान !”, “जीवन काव्य मंजरी भाग दो (कुरुक्षेत्र को सज जाने दो)”,
“कम्युनिस्टों की सच्चाई”, “जाति है कि जाती नहीं ?” तथा “वोट का व्यापार”
प्रमुख रूप से शामिल हैं।





Books of Jivan Kumar Yadav

 Chat with Us