Books of Badlanand Pandey
बदलानंद पांडेय का जन्म बिहार के लखीसराय जिले के छोटे से गांव शर्मा में हुआ। उनका बचपन गांव की सादगी, खेतों की हरियाली और पारिवारिक संस्कारों के बीच बीता। उन्होंने अपनी हाई स्कूल तक की पढ़ाई अपने गांव में ही पूरी की।
इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे धनबाद गए। जीवन की जिम्मेदारियों और रोज़गार की तलाश ने उन्हें बिहार से दूर नोएडा तक पहुँचा दिया।
गांव से शहर तक का यह सफर उनके जीवन में कई भावनात्मक अनुभव लेकर आया। अपने गांव, परिवार और मिट्टी से जुड़ी उन्हीं यादों और बिछड़नों को उन्होंने शब्दों में ढालकर
“बिरहन बिहार” के रूप में प्रस्तुत किया है।
यह उनकी पहली पुस्तक है, जिसमें उन्होंने बिहार के गांवों की सच्चाई, पलायन की पीड़ा और रिश्तों की गहराई को भावनात्मक रूप से व्यक्त किया है।


